सूबे की भ्रष्‍ट मेडिकल व्‍यवस्‍था के खिलाफ लड़ाई में बड़ी जीत - पप्पू यादव

 

सूबे की भ्रष्‍ट मेडिकल व्‍यवस्‍था के खिलाफ जारी लड़ाई में आज हमें बड़ी जीत मिली है। पिछले दिनों बिहार के सबसे बड़े निजी अस्‍पताल पारस हॉस्पिटल के गलत इलाज के कारण पटना यूनिवर्सिटी के गोल्‍ड मे‍डलिस्‍ट छात्र संजीत सिंघानिया की मौत हो गयी थी। इस मेधावी छात्र के मौत ने न सिर्फ पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों को आंदोलित किया, बल्कि मुझे भी रुला दिया।

हमने संजीत सिंघानिया की मौत को भ्रष्‍ट मेडिकल व्‍यवस्‍था के खिलाफ लड़ाई का उदाहरण बनाया। पिछले हफ्ते हमने पारस अस्‍पताल में जाकर धरना दिया था। धरना के दिन ही हमने कह दिया था कि पारस अस्‍पताल को गलत इलाज के मद में लिये गये पैसे वापस करने होंगे। इसके लिए तारीख भी मुकर्रर कर दी थी। पारस अस्‍पातल के प्रबंधन के साथ शुक्रवार को फिर से दो घंटों की मी‍टिंग हुई। इस मीटिंग में मृत छात्र संजीत सिंघानिया के भाई मंदीप को भी शामिल किया गया था।

पूरी मीटिंग की वीडियोग्राफी करायी गयी। अस्‍पताल प्रबंधन ने पता नहीं क्‍यों बड़ी संख्‍या में पुलिस बल को बुला लिया था। हमने कहा था कि पुलिस-तुलिस से मैं नहीं डरता। आपने जो वादा किया है, उसे पूरा करना होगा। इसके बाद यह सहमति बनी कि अस्‍पताल प्रबंधन आज शनिवार को पटना यूनिवर्सिटी में हजारों छात्रों के बीच मृत संजीत के भाई को पैसा वापस करेगा।
आज पटना साइंस कॉलेज के प्रांगण में यूनिवर्सिटी के छात्रों ने संबोधन के लिए हमें बुलाया था। इस कार्यक्रम के दौरान ही पारस अस्‍पताल के प्रबंधन के लोग आये और मृत संजीत के भाई मंदीप को चार लाख रुपयों का चेक दिया। एक लाख रुपये का भुगतान सोमवार को किया जाएगा।
भ्रष्‍ट मेडिकल व्‍यवस्‍था के खिलाफ हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इलाज के नाम पर मरीजों को लूटने और चूसने वाले डॉक्‍टरों व अस्‍पतालों को हम सावधान करना चाहते हैं कि वे लूट की प्रवृत्ति का त्‍याग करें, नहीं करेंगे तो जनता का गुस्‍सा भुगतने को तैयार रहें। परेशान पब्लिक को हमारा साथ सदैव प्राप्‍त होगा। जल्‍द ही हम ऐसी व्‍यवस्‍था करने जा रहे हैं कि हफ्ते के किसी दिन को तय कर पटना और बिहार के दूसरे शहरों में सिर्फ डॉक्‍टरों व अस्‍पतालों से परेशान मरीजों की जन सुनवाई हम करेंगे और ऑन स्‍पॉट एक्‍शन लेंगे।  ‍