समीर की हत्‍या और हरप्रीत कौर के तबादले के पीछे सफेदपोशों का हाथ, हो सीबीआई जांच : सांसद

समीर की हत्‍या और हरप्रीत कौर के तबादले के पीछे सफेदपोशों का हाथ, हो सीबीआई जांच : सांसद


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समीर की हत्‍या और हरप्रीत कौर के तबादले के पीछे सफेदपोशों का हाथहो सीबीआई जांच : सांसद

मैं ही हूं लालू का असली राजनीतिक वारिश  : सांसद पप्‍पू यादव 

  पटना। जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय संरक्षक सह सासंद पप्‍पू यादव ने मुजफ्फरपुर में पूर्व मेयर समीर कुमार की हत्‍या और उसके बाद एसएसपी हरप्रीत कौर के तबादले के लिए सफेदपोशों को जिम्‍मेवार ठहराया। सासंद ने पूछा कि आखिर अब तक शूटर की गिरफ्तारी क्‍यों नहीं हो सकीक्‍योंकि बिना उसकी गिरफ्तारी के सच्‍चाई का पता नहीं चलेगा। इसके अलावा सरकार के मंत्री पुत्र का समीर के साथ किस बात को लेकर झगड़ा थामंत्री का मोबाइल बंद क्‍यों हैवहीं,जब हरप्रीत कौर इस मामले की साजिश का पर्दाफाश करना चाहती थीतब उनका तबादला क्‍यों कर दिया गया?  हत्‍यारे को क्‍यों नहीं पकड़ा जा रहा हैइस मामले में सीबीआई जांच के बिना दोषियों का पता लगाना संभव नहीं है। इसलिए हम इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हैं। सांसद ने कहा कि बिहार में हो रही अधिकतर हत्‍याओं की वजह है हर जिले में जमीन की दलालीजिसमें नेता व अधिकारियों की भी संलिप्‍तता बड़े पैमाने पर है। इनकी जमीन हड़पने की साजिश में हत्‍या स्‍वाभाविक है। आखिर क्‍या वजह है कि जमीन के दलालों पर रासूका नहीं लगता है। 

वहींपप्‍पू यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए बिहार में सामाजिक न्‍याय और गरीबों की शुरूआत लालू यादव और पप्‍पू यादव ने कीकोई अनुकंपा पर राजनीति करने वाले ट्विटर बॉय ने नहीं। उन्‍होंने खुद को राजद का असली वारिश बताते हुए कहा कि लालू यादव के परिवार के लोगों ने ही साजिश के तहत उन्‍हें धृतराष्‍ट्र बना दिया। मुझे संदेह है कि कहीं यही लोग अपनी ओछी राजनीति के लिए लालू यादव की हत्या न करवा दें। पप्‍पू यादव ने ये बातें आज अपने पटना आवास पर आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन में कही। उन्‍होंने कहा कि लालू यादव आज जिस हाल में हैंउसके लिए उनका परिवार ही जिम्‍मेवार है। हम जनहित में संघर्ष  करते हैंट्विटर पर नहीं।  

पप्‍पू यादव ने संवाददाता सम्‍मेलन के दौरान पूछा कि आखिर क्‍या वजह है कि बालू माफिया पर न तो सत्ता में बैठे लोग बोलते हैं और न ही विपक्ष। शायद इसलिए कि दोनों के आंगन इन्‍हीं बालू माफिया के कारण भरते हैं। जब बालू माफिया पर आपराधिक केस दर्ज है और वारेंटेड है। तब इनकी गिरफ्तारी क्‍यों नहीं होती है। आखिर क्‍या वजह है कि सत्ता और विपक्ष इस पर चुप्‍पी साध लेते हैं। हाइवा से लेकर फोकलेन तक में लूट मची है। इसलिए हम चाहते हैं कि जिस – जिस जिले में बालू माफिया का राज हैवहां के बड़े से लेकर छोटे अधिकारियों और नेताओं का सीडीआर निकालकर जनता के बीच लाया जाया। किस किस के घर और खाते में बालू माफिया का पैसा जाता है ये भी जांच का विषय है। हत्‍या नहीं रूकने का एक कारण ये भी है कि माफिया तय करता है कि कौन पदाधिकारी आयेगा और किस पर हमले होंगे। क्‍योंकि नेता की राजनीति इन्‍हीं से चिलती है।

उन्‍होंने कहा कि बिहार के उपमुख्‍यमंत्री अपराधियों से वक्‍त मांगते हैं और दूसरी ओर नेताओं के घर एके 47 बेचे गए हैं। जहां एक्‍शन लेने की जरूरत हैवहां आप याचना कर रहे हैं। साथ ही सत्ता और विपक्ष के नेता एके 47 खरीद रहे हैं। ऐसे में बिहार से अपराध कैसे खत्‍म हो सकता है। हम नीतीश कुमार से पूछना चाहते हैं कि वे ऐसे संगीन मामलों पर भी चुप क्‍योंसांसद ने कहा कि अगर सत्ता पक्ष से शासन नहीं चल रहा हैतो उन्‍हें इस्‍तीफा देकर फिर से चुनाव करना चाहिए। संवाददाता सम्‍मेलन में जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय महासचिव सह प्रवक्‍ता प्रेमचंद सिंहराजेश रंजन पप्‍पूसूर्य नारायण सहनीनागेंद्र सिंह और अरूण कुमार सिंह भी मौजूद रहे।    

 

 

 

 

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