छात्र नेताओं के गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन

 

 jan adhikar party student

जन अधिकार छात्र परिषद ने किया प्रदर्शन

 

पटना। कॉलेज ऑफ कॉमर्स के प्राचार्य बबन सिंह यादव द्वारा एक साजिश के तहत जन अधिकार छात्र परिषद के उपाध्यक्ष बिकास बॉक्सर और सागर उपाध्याय को गिरफ्तार करवाने के विरोध में बुधवार को छात्रों ने कॉलेज एवं मगध विश्‍व विद्यालय के पटना स्थित शाखा गेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्‍व कर रहे छात्र नेता प्रभात कुमार और रोहन कुमार ने बताया कि प्राचार्य बबन सिंह द्वारा किये कुकृत्‍यों का हमेशा विरोध विकास बॉक्‍सर एवं सागर उपाध्‍याय द्वारा किया जा रहा था। प्राचार्य बबन सिंह पर कॉलेज की छात्रा से छेड़खानी का मामला दर्ज है और न्‍यायालय ने इस मामले में खुद संज्ञान लिया था। इसके अलावा कॉलेज कैंपस में छात्रों के बीच खौफ पैदा करने के लिए उन पर हथियार लेकर आने का आरोप है, जिसका विरोध दोनों छात्र करते रहे हैं।   

इसी क्रम में मंगलवार को कुलपति महोदय के समक्ष भी शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया। जिसके बाद साजिश के तहत दोनों छात्र नेताओं को गिरफ्तार करवा कर जेल भेज दिया गया। उन्‍होंने बताया कि बबन सिंह द्वारा इसे पहले भी विकास बॉक्‍सर समेत अन्‍य छात्रों को अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। मगर जन अधिकार छात्र परिषद के नेता अन्‍याय के खिलाफ न्‍याय के लिए कोई समझौता नहीं किया, जिससे प्राचार्य ने एक साजिश के तहत सत्ताधारी दल के नेताओं के सह से उन्‍हें जेल भिजवा दिया।


उन्‍होंने कहा कि प्राचार्य के इस कायरतापूर्ण कृत से छात्र परिषद का आवाज दबने वाली नहीं है। इसलिए छात्र परिषद विकास बॉक्‍सर और सागर उपाध्‍याय के बिना शर्त रिहाई एवं छेड़खानी के आरोपी प्राचार्य बबन यादव को बर्खास्‍त करने की मांग करती है। वरना छात्र परिषद आंदोलन को और उग्र करेगी और जेल भरो आंदोलन चलाया जायेगा। प्रदर्शन में राहुल यादव, रौशन यादव, बलेश यादव, साहिल यादव, चंदन कुमार, सुधांशु कुमार, विक्‍की यादव, पंकज सिंह, हिमांशु यादव, अंश कुमार, अमित पाठक समेत सैकड़ों छात्र शामिल हुए। वहीं, जन अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष व पूर्व मंत्री अखलाक अहमद ने गिरफ्तारी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नीतीश सरकार पर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि ये कैसा सुशासन है, जिसमें आरोपी बाहर है और निर्दोष छात्रों को जेल भेजा जा रहा है। ये बिहार के शैक्षणिक माहौल को और दूषित करेगा। ऐसे में कैसे बेटियां कॉलेज में पढ़ सकेंगी, जहां के प्राचार्य ही दुर्व्‍यवहार के आरोपी हों।