ठेकेदार, नेता और अधिकारियों ने बाढ़ पीडि़तों को लूटा: पप्‍पू यादव

 

 

 

 

 

संघर्ष दिवस पर बाढ़ से मुक्ति के लिए अभियान चलाने का लिया संकल्‍प

राष्‍ट्रीय आपदा घोषित हो बाढ़

फरक्‍का का हो पुनर्निर्माण

सिंचाई मंत्री से इस्‍तीफे की मांग की

पार्टी ने साढ़े सात लाख खाने के पैकटों का किया वितरण

युवाओं को पार्टी से जोड़ने का लिया संकल्‍प

 

पटना। जन अधिकार पार्टी (लो) के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव (Pappu Yadav) ने कहा है कि ठेकेदार, पदाधिकारी और नेताओं ने मिलकर बाढ़ पीडि़तों को लूटा है। राज्‍य के खजाने पर इन्‍हीं लोगों ने कब्‍जा जमा लिया है। आज पार्टी ने स्‍थापना दिवस को संघर्ष दिवस के रूप में मनाया और बाढ़ पीडि़तों को हरसंभव मदद पहुंचाने का संकल्‍प लिया। इस मौके पर आयोजित धरना को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि नदियों से गाद नहीं निकाला गया तो जिदंगी तबाह हो जाएगी।

श्री यादव ने कहा कि फरक्‍का बराज के कारण नदियों में गाद जमा हो रहा है। इससे बाढ़ की स्थिति दिन पर दिन भयावह होती जा रही है। उन्‍होंने कहा कि फरक्‍का के निर्माण में लगे इंजीनियरों ने इसके दुष्‍परिणाम से अवगत कराया था, लेकिन किसी ने ध्‍यान नहीं दिया। इसका खामियाजा पूरा बिहार भुगत रहा है। फरक्‍का का पुनर्निर्माण किया जाना चाहिए।

उन्‍होंने कहा कि बिहार में 38 बांध टूट गये। इसके लिए सिंचाई मंत्री को इस्‍तीफा दे देना चाहिए। श्री यादव ने कहा कि सिंचाई मंत्री ने अपने विश्‍वस्‍त ठेकेदारों को बाढ़ कार्यों का ठेका दे रखा है। ये लोग घटिया निर्माण कर सरकारी राशि को लूट रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

सांसद ने कहा कि राज्‍य के 20 से अधिक जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। लाखों लोग बेघर हो गये। लेकिन राज्‍य सरकार की ओर से राहत व पुनर्वास के बेहतर इंतजाम नहीं किये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ से बुरी तरह तबाह हो चुके सीमांचल के जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। लेकिन तत्कालिक सहायता के रूप में सिर्फ 500 करोड़ रुपये दिये, जो अपर्याप्‍त है। उन्‍होंने कहा बिहार में आयी बाढ़ को राष्‍ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए और प्रभावित इलाकों के किसानों के कर्ज माफ कर दिये जायें। इसके साथ ही उनके पुनर्वास के लिए विशेष व्‍यवस्‍था की जाये।

सांसद ने कहा कि जब तक बाढ़ और सूखाड़ से मुक्ति नहीं मिलेगी, तब तक हर प्रकार का टैक्‍स भुगतना पर रोक लगा देनी चाहिए। जनता को टैक्‍सों का भुगतान नहीं करना चाहिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व पुनर्वास कार्यों की चर्चा करते हुए सांसद ने कहा कि जन अधिकार पार्टी की ओर से 111 राहत शिविर बनाये गये थे, जिसके माध्‍यम से साढ़े सात लाख खाने के पैकेट बांटे गये। अभी भी पार्टी द्वारा 72 राहत कैंप चलाये जा रहे हैं। पार्टी दुर्गा पूजा तक जरूरतमंद बाढ़ पीडि़तों को खाना उपलब्‍ध कराएगी।

श्री यादव ने पार्टी के संगठन पर चर्चा करते हुए कहा कि हमें युवाओं पर सबसे ज्‍यादा जोर देना होगा। यही युवा वोटर देश का भविष्‍य तय करता है। उन्‍होंने जिलाध्‍यक्षों और प्रखंड अध्‍यक्षों से कहा कि वे बूथ स्‍तर पर संगठन को मजबूत बनायें। सांसद ने बाढ़ और सृजन घोटाले को लेकर अभियान चलाने का निर्देश भी पार्टी पदाधिकारियों को दिया।

धरना की अध्‍यक्षता प्रदेश अध्‍यक्ष व पूर्व मंत्री अखलाक अहमद ने किया, जबकि संचालन प्रदेश प्रधान महासचिव राजीव कुमार ने किया। धरना को जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष रघुपति प्रसाद सिंह, राष्‍ट्रीय प्रधान महासचिव एजाज अहमद, राष्‍ट्रीय महासचिव सह प्रवक्‍ता प्रेमचंद सिंह, राघवेंद्र सिंह कुशवाहा, राष्‍ट्रीय महासचिव राजेश रंजन पप्‍पू, अकबर अली परवेज, मंजय लाल राय, प्रदेश उपाध्‍यक्ष युगेश्‍वर राय, प्रदेश महासचिव सह प्रवक्‍ता शंकर पटेल, महासचिव ललन सिंह,अभियान समिति के अध्‍यक्ष आनंद मधुकर, प्रदेश छात्र अध्‍यक्ष गौतम आंनद, उपाध्‍यक्ष विकास बॉक्‍सर, सागर उपाध्‍याय, प्रभात कुमार, रोहण कुमार, मनीष यादव, पटना पूर्वी जिला अध्‍यक्ष नवल किशोर यादव, बेसलाल यादव, प्रदेश महासचिव गोपाल प्रसाद यादव, गौतम कृषण, मो. जावेद, अरुण कुमार सिंह सहित 19 जिलों के जिलाध्‍यक्षों ने अपने-अपने विचार रखे।