सीमांचल के बच्चों ने मैट्रिक की परीक्षा में टाॅप टेन में स्थान हासिल किया

वैसे तो नीतीश कुमार के राज में शिक्षा खस्ता हाल है, खास तौर पर शैक्षणिक रूप से सीमांचल का क्षेत्र सरकार द्वारा बराबर उपेक्षित रहा है। मगर मेधा को कोई कुचल नहीं सकता, विपरीत परिस्थिति में भी सीमांचल के बच्चों ने मैट्रिक की परीक्षा में टाॅप टेन में स्थान हासिल किया है। उन्हें इस जबर्दस्त सफलता पर बहुत-बहुत बधाई और उनके जज्बे को सलाम! किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड के टुपामाड़ी गांव के निवासी मजदूर विशनलाल राय जी के पुत्र अनिल कुमार ने मैट्रिक की परीक्षा में चौथा स्थान ला कर जिले का परचम लहराया है। अनिल की तमन्ना बैंक मैनेजर बनने की है। उसकी लगन उसे यह लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगी, इसमें शक नहीं। मधेपुरा सदर प्रखंड के दानी दुखनी स्मारिका उच्च विद्यालय के छात्र सिद्धार्थ राय ने टाॅप 10 में छठा स्थान हासिल कर मधेपुरा का नाम रौशन किया है। आनंदपुरी में रहने वाला यह मेधावी बच्चा इंजीनियर बनना चाहता है। ईश्वर उसकी इच्छा पूरी करें। 

पूर्णिया के बीकोठी प्रखंड के देवरी निवासी स्व पंकज कुमार मिश्र जी के पुत्र भास्कर आनंद ने सातवां स्थान हासिल कर सफलता का परचम लहराया है चिकनी पटराहा उत्क्रमित उच्च विद्यालय का यह मेहनती और लगनशील छात्र इंजीनियर बनना चाहता है। उसके सुखद भविष्य की मैं कामना करता हूं। अररिया के नरपतगंज की बेटी ने सातवां स्थान प्राप्त कर दिखा दिया कि हम किसी से कम नहीं। नरपतगंज प्रखंड की मधुरा दक्षिण पंचायत के सरपंच भीम राय जी की होनहार बेटी प्रीति कुमारी आईटी इंजीनियर बनना चाहती है, ईश्वर उसकी यह इच्छा पूरी करें, मेरी कामना है। सीमांचल का गौरव बढ़ाने वाले ये सभी बच्चे सफलता की बुलंदियों को छुएं और क्षेत्र के अन्य बच्चों को भी बेहतर से बेहतर करने के लिए प्रेरित करें।