बेनामी सम्पत्ति के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद जी के परिजनों ने बेनामी सम्पत्ति अर्जित की है और 180 करोड़ की उनकी सम्पत्ति केंद्रीय एजेंसी ने जब्त की है और जो कार्रवाई कर रही है वह स्वागत योग्य है। जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक माननीय सांसद पप्पू यादव जी पहले से ही सभी नेताओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग करते रहे हैं। पप्पू यादव जी का आग्रह है कि आय कर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय देश के तमाम नेताओं की बेईमानी से अर्जित बेनामी सम्पत्ति को उजागर कर उन्हें जब्त करे। एक-एक नेता पर अलग-अलग कार्रवाई करने से बात नहीं बनने वाली, आय कर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय को पूरी तैयारी कर एक साथ सभी नेताओं पर जोरदार कार्रवाई करनी चाहिए। तभी सभी बेईमान नेता बेनकाब होंगे। यदि एक बार में एक नेता पर कार्रवाई होगी तो दूसरा बेईमान नेता उसे बचा लेगा। लिहाजा सब पर एक साथ आय कर विभाग कार्रवाई और प्रवत्र्तन निदेशालय कठोर कार्रवाई करे। इससे बेईमान नेताओं को बेनामी सम्पत्ति बचाने का मौका नहीं मिलेगा और लाखों-करोड़ों की अवैध सम्पत्ति देश को यूं ही मिल जायेगी। इससे और कुछ नहीं तो कम से कम किसानों के कर्ज का बोझ कम तो किया ही जा सकता है।

माननीय सांसद पप्पू यादव जी ने जो अनुरोध किया है उसके अनुसार किसी भी नेता को बख्शा नहीं जाए। आज तक देश में जितने भी सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, प्रधानमंत्री, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक हुए हैं उन सभी की सम्पत्ति की जांच की जाए। इस बात की पूरी तहकीकात की जाए कि विधायक, सांसद, मंत्री, प्रधानमंत्री के पद पर जाने के पूर्व उनकी कितनी सम्पत्ति थी और पद हासिल करने के बाद अब उनकी कितनी सम्पत्ति है। इसके साथ ही तमाम नेताओं के रिश्तेदारों और करीबियों की भी संपत्ति की बारीकी से जांच हो। अगर जांच में किसी किस्म की घपलेबाजी प्रकाश में आती है तो संबंधित नेताओं पर कठोरतम कार्रवाई हो। सबसे पहले उनकी सम्पत्ति जब्त की जाए और तब उन पर कठोर कार्रवाई की जाए। जिन नेताओं की घपलेबाजी के पुख्ता प्रमाण मिल जाएं तो उन्हें उनकी अवैध सम्पत्ति को बचाने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए। उनकी बेनामी सम्पत्ति को तो फौरन जब्त कर लिया जाना चाहिए। आय से अधिक साबित हुई अवैध सम्पत्ति को जब्त कर सरकारी खजाने में डाल देना चाहिए और बेईमान नेता को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जाना चाहिए।